कवर स्टोरी

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“कामधेनु दीपावली” पर 11 करोड़ घरों में जगमगाएंगे गाय के पवित्र गोबर से बने दीए

संध्या: ये दीवाली खास है। इस दीवाली देश भर के 11 करोड़ घर गोबर के बने दीए से जगमग होंगे। 11 करोड़ घरों में 33 करोड़ दिए पहुंचाने के अभियान में जुटे हैं राष्ट्रीय...

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सागर जिले में कई गांवों को बदल रहे युवा आईआरएस अफसर अनूप जैन 

आकाश सिंह: भोपाल में ज्वाइंट कमिश्नर इनकम टैक्स के तौर पर कार्यरत अनूप जैन ने सागर जिले में अपने पैतृक गांव और आस-पास के गांवों के कायाकल्प का बीड़ा उठाया है। युवा आईआरएस अफसर...

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बिलासपुर की एक लड़की चला रही सिर्फ एक रुपये से मदद की अनोखी मुहिम

स्वाती शैलेश: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले की सीमा वर्मा सिर्फ एक-एक रुपये इकट्ठा कर मदद की अनोखी मुहिम चला रही है। एलएलबी पांचवें सेमेस्टर की छात्रा सीमा इस मुहिम के जरिए 33 विद्यार्थियों की...

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सारंडा के घने जंगलों में हर रोज 10 किलोमीटर पैदल चलकर जगा रहे शिक्षा की अलख

स्वाती शैलेश: झारखंड के सारंडा यानी सात सौ पहाड़ों वाले इलाके के घने जंगलों के बीच एक शिक्षक शिक्षा की अलख जगा रहे हैं। जंगल और पहा़ड़ के मुश्किल रास्ते हर रोज दो घंटे...

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‘गोपाल’ के ‘गिरिराज’ को ग्रीन बनाने का सबसे बड़ा अभियान, गोवर्धन पर हरियाली

मथुरा में करीब-करीब उजाड़ हो चुके गिरिराज यानी गोवर्धन पर्वत को फिर से हरा-भरा बनाने का अभियान चल रहा है। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद गोवर्धन पर्वत की इस मुहिम को कामयाबी मिलने लगी है।...

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गांधी के देश में दूसरा गांधी, जिसके सत्याग्रह से बना बाल श्रम के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कानून

कैलाश सत्यार्थी के नोबेल शांति पुरस्कार की 6वीं वर्षगांठ पर विशेष संध्या: भारत के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। छह साल पहले 10 अक्टूबर, 2014 को ही दुनिया के सबसे गरीब, वंचित और...

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गांधी जयंती पर सुशासन को जम्मू-कश्मीर में जन-जन के घर पहुंचाने की योजना

बदलता इंडिया की खास पेशकश मनोज सिन्हा, ले. गवर्नर, जम्मू-कश्मीर जम्मू और कश्मीर प्रशासन के लिए, गांधी जी को इससे बेहतर श्रद्धांजलि नहीं हो सकती है कि हम सुशासन को ग्रामीण इलाकों में आमजन...

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टूंडला में तैनात रेलवे के युवा अफसर ने 3000 हिंदी किताबों को कर दिया जिंदा

स्वाती शैलेश: टूंडला में तैनात एक युवा रेल अफसर ने पुरानी लाइब्रेरी में लगभग भुला दी गई हिंदी की करीब 3000 किताबों को फिर से जिंदा कर दिया है। दिल्ली-कोलकाता रूट पर टूंडला बहुत...

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‘मनकही’ कुलदीप की, जैसे जिया, जितना देखा समझा, लिखते गए

यतींद्र मिश्र: कुलदीप का संग्रह ‘मनकही’ कई संदर्भों में पूर्वज कविता परंपरा से सम्मानजनक दूरी बरतते हुए एक ऐसे समय प्रदेश में अटका हुआ पड़ा है जहां से संवेदना और सरोकारों के अंतर्द्वंद परखे...

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नोए़डा पुलिस कमिश्नर की पत्नी बना रहीं पुलिस परिवार की महिलाओं के लिए रोजगार के मौके

संध्या: कोरोना काल में जब कारोबार ठहर सा गया। नौकरियों पर संकट आने लगा। ऐसे वक्त में भी गौतमबुद्ध नगर के पुलिस लाइंस में रहने वाली महिलाओं और लड़कियों के लिए रोजगार के नए...

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