कवर स्टोरी

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मिट्टी की गेंद से लुधियाना में हरियाली को आंदोलन बनाने वाले ‘ग्रीनमैन’ से मिलिए

अंकित गुप्ता: इंसान हर रोज करीब 22 हजार बार वायु का सेवन करता है। यानी 24 घंटे में करीब 22 हजार बार सांस लेता है। दिन में तीन से चार बार खाना खाता है।...

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बच्चों के बीच शिक्षा की अलख जगा रहे ग्रेजुएशन के छात्र ‘आलोक गौतम’

स्वाती शैलेश: धनबाद के राजगंज के आलोक गौतम की उम्र महज़ उन्नीस साल है। खुद ग्रेजुएशन के छात्र हैं। लेकिन शिक्षा दान की ऐसी ललक है कि गरीब बच्चों के बीच शिक्षा की अलख...

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कॉरपोरेट वर्ल्ड की नौकरी छोड़ी और 100 शहरों में बना दिए 2000 महिला उद्यमी

संध्या: उत्तर प्रदेश के शहर बरेली की एक लड़की ने पहले तो कॉरपोरेट की दुनिया में कामयाबी के झंडे गाड़े। तरक्की और कामयाबी के शिखर पर पहुंचकर नौकरी छोड़ दी। सफल उद्यमी बनकर दिखाया।...

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भारत की सशक्त नारी पिंकी, हर रोज 15 किमी रिक्शा चलाकर बेचती सामान

जोगिंदर कल्याण: पिंकी सिर्फ एक महिला का नाम नहीं है। वास्तव में ये लाखों-करोड़ों भारतीयों की प्रतिनिधि हैं। ऐसा नहीं है कि पिंकी समाज में कोई बहुत बड़ा बदलाव ला रही हैं। लेकिन बावजूद...

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एक IRS अफसर का डर कैसे बन गया पर्यावरण को बचाने का आंदोलन

दिव्या वर्मा: राजस्व सेवा के एक अफसर रोहित मेहरा की छोटी सी पहल अब आंदोलन बन गई है। भारतीय राजस्व सेवा के इस टैक्समैन की पहचान अब ग्रीनमैन की बन गई है। रोहित मेहरा...

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एक शहर इलाहाबाद से एक युवा के IRS अफसर बनने की रोमांचक दास्तान

रचनाकारों की नजर में IRS अफसर अंजनी कुमार पाण्डेय की रचना ‘इलाहाबाद ब्लूज’ अंजनी की किताब उत्तर प्रदेश प्रतापगढ़ की गंवई ज़मीन से शुरू होकर इलाहाबाद होते हुये यूपीएससी, धौलपुर हाउस, दिल्ली तक के...

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इलाहाबाद विवि के पूर्व छात्र का दूषित पानी को पीने लायक बनाने का बड़ा आविष्कार

आकाश सिंह: भारतीय मूल के वैज्ञानिक डॉक्टर सुभाष सिंह इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एलुमिनी हैं। वर्तमान में अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ रोचेस्टर में वरिष्ठ वैज्ञानिक के रूप में शोधरत हैं। हाल ही में किया गया...

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बचपन को गुलामी-दासता से जीते जी मुक्त करने का कैलाश सत्‍यार्थी का प्रण

अंतरराष्ट्रीय बाल दुर्व्यापार विरोधी दिवस पर विशेष संध्या: कोरोना वायरस का संक्रमण दिनोंदिन फैलता ही जा रहा है। कोविड-19 के बढ़ते खतरे को देखते हुए अधिकांश राज्‍यों में लॉकडाउन जारी है। काम-काज ठप होने...

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गांव को गरीबी मुक्त बनाना है तो इस ‘एक्सीडेंटल ब्यूरोक्रैट’ की कहानी पढ़िए

कहानी थोड़ी लंबी है लेकिन जरूरी है रुपांशु चौधरी: वे रुरल डेवलमेंट के एक्सपर्ट नहीं है। पढ़ाई की बात करें तो बीटेक-एमटेक हैं। भारतीय वन सेवा के झारखंड कैडर के अधिकारी हैं। खुद को...

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जब सब कुछ बंद था तब भी मदद के हर मोर्चे पर मौजूद था दिल्ली राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण

दिल्ली राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण यानी दिल्ली में विधिक सेवाएं मुहैया कराने वाली अथॉरिटी। कोरोना के संकटकाल में जब कुछेक जरूरी सेवाओं को छोड़कर सारी सेवाएं ठप हो गई। स्कूल कॉलेज यहां तक की...

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