Author: badalataindia

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कोरोना महामारी संकट से बचपन हुआ असुरक्षित

कोरोना महामारी की वजह से विश्व की अर्थव्यवस्था डगमगाने लगी है और यह महामंदी की ओर बढ़ने लगी है। अर्थशास्त्री भविष्यवाणी करने लगे हैं कि 1930 के दशक की वैश्विक महामंदी के बाद यह...

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कोरोना के संकटकाल में हजारों जरुरतमंदों के साथी बने पंकज सिंह

कोरोना के संकटकाल में कई संकटमोचक चेहरे सामने आए। स्वयंसेवी संस्थाओं से लेकर आम जनता तक के हजारों लाखों हाथ जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आए। संकटकाल के इस दौर में कई सियासी...

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20 डॉलर अर्थात 1500 रु. के विवाद में जल उठा अमेरिका!

अमेरिकी हिंसा में पुलिस और कानून से जुड़े इन सवालों से इतर सवाल भूख और बाजार से जुड़ा है जिसका जवाब मिलना बाकी है। सवाल है कि कोरोना के संकटकाल में अमेरिका में भूख,...

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सैनिटरी वेस्ट के संक्रमण से बचाव के लिए “शी विंग्स” का “रेड डॉट कैंपेन”

लॉकडाउन में महिलाओं के लिए काम करने वाली संस्था शी विंग्स ने सफाईकर्मियों को संक्रमण से जागरुक करने की मुहिम शुरू की। ये मुहिम महिलाओं के सैनिटरी वेस्ट से बचाव के लिए शुरू की...

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प्रधानमंत्री मोदी का पैकेज किसान-गरीब-मजदूर को राहत या छलावा?

वित्त मंत्री की किसानों-मजदूरों के लिए 3.16 लाख करोड़ का ऐलान पूरी तरह से हवाई है। कागजी है। शब्दों का मकड़जाल मात्र है। इनमें ज्यादातर योजनाएं वर्षों से चल रही हैं। कुछ ऐसी हैं...

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हम गाँव देहात चले हैं..

जिन शहरों को बनाने-बसाने में मजदरों ने खून पसीना बहाया.. सबकुछ पीछे छोड़कर चिलचिलाती धूप में सिर पर गठरी लादे साथ में नन्हें बच्चों का हाथ थमे जलती तपती सड़क पर नंगे पैर वापस...

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सड़कों पर निकल पड़े मजबूर मजदूरों का गुनहगार कौन?

दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और महाराष्ट्र से भारी तादाद में मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों को बगैर किसी इंतजाम के बाहर जाने देने की जिम्मेदारी किसकी बनती है? राकेश उपाध्याय: गुनाहों के देवता अपने गुनाहों का...

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जनाब राहुल गांधी की भक्ति तो आप लोग भी कर रहे हैं

क्या राहुल गांधी कोरोना के इस संकट काल में भी इवेंट कर रहे हैं। क्या दिल्ली में मजदूरों से मिलने जाना राहुल गांधी का स्टंट था। इस संकट काल में राहुल गांधी के इस...

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मोदी सरकार के 20 लाख करोड़ के पैकेज की हर असलियत समझिए

क्या है मोदी सरकार के 20 लाख करोड़ के पैकेज का सच.. 20 लाख करोड़ के पैकेज की परत दर परत पड़ताल.. क्या 20 लाख करोड़ का भारी भरकम पैकेज सच में अर्थव्यवस्था को...

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जब लिंक्डइन को लॉकडाउन पढ़ लिया, आखिर हमारे दिमाग को क्या हो गया है?

अरविंद राज: जब मैंने लिंक्डइन को लॉकडाउन पढ़ लिया, तो मेरे दिमाग में बहुत सी केस स्टडी और शोध के तथ्य एक साथ घूम गए। लॉकडाउन का मन और अवचेतन पर क्या प्रभाव पड़ने...

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