Tagged: बदलता इंडिया

0

किसानों की आजादी नहीं गुलामी और बर्बादी का परवाना हैं किसान बिल

किसानों की आजादी देने का ढिढोरा पीटने वाला मोदी सरकार का काला कानून वास्तव में किसानों की गुलामी और बर्बादी का परवाना है। एफसीआई की चोरी रोकने, वेयरहाउस बनाने, सप्लाई चेन सुधारने की बजाय...

0

नोए़डा पुलिस कमिश्नर की पत्नी बना रहीं पुलिस परिवार की महिलाओं के लिए रोजगार के मौके

संध्या: कोरोना काल में जब कारोबार ठहर सा गया। नौकरियों पर संकट आने लगा। ऐसे वक्त में भी गौतमबुद्ध नगर के पुलिस लाइंस में रहने वाली महिलाओं और लड़कियों के लिए रोजगार के नए...

0

मिट्टी की गेंद से लुधियाना में हरियाली को आंदोलन बनाने वाले ‘ग्रीनमैन’ से मिलिए

अंकित गुप्ता: इंसान हर रोज करीब 22 हजार बार वायु का सेवन करता है। यानी 24 घंटे में करीब 22 हजार बार सांस लेता है। दिन में तीन से चार बार खाना खाता है।...

0

127 साल बाद भी आज भी क्यों प्रासंगिक स्वामी विवेकानंद का शिकागो संबोधन

शिकागो में आयोजित विश्व धर्म महासभा में 11 सितम्बर, 1893 को दिए गए स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण को आज 127 वर्ष हो गए हैं, लेकिन आज भी इस भाषण की प्रासंगिकता उतनी ही...

0

कोरोना महामारी में दुनिया के 40 करोड़ से अधिक बच्‍चे ऑनलाइन शिक्षा से वंचित

लॉरियेट्स एंड लीडर्स फॉर चिल्‍ड्रेन समिट में जारी रिपोर्ट कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान दुनिया में बच्चों की बुरी स्थिति को करती है उजागर कोरोना महमारी की वजह से बच्चों पर मड़राते वैश्विक संकट पर...

1

कॉरपोरेट वर्ल्ड की नौकरी छोड़ी और 100 शहरों में बना दिए 2000 महिला उद्यमी

संध्या: उत्तर प्रदेश के शहर बरेली की एक लड़की ने पहले तो कॉरपोरेट की दुनिया में कामयाबी के झंडे गाड़े। तरक्की और कामयाबी के शिखर पर पहुंचकर नौकरी छोड़ दी। सफल उद्यमी बनकर दिखाया।...

0

बाल श्रम के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कानून बनवाने वाले कैलाश सत्यार्थी का संघर्ष जारी है

संध्या मिश्रा: जब पूरी दुनिया कोरोना महमारी के संकट से जूझ रही है, ऐसे में 4 अगस्त, 2020 के दिन बाल श्रम के खिलाफ आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना घटी। यह दिन...

0

भारत की सशक्त नारी पिंकी, हर रोज 15 किमी रिक्शा चलाकर बेचती सामान

जोगिंदर कल्याण: पिंकी सिर्फ एक महिला का नाम नहीं है। वास्तव में ये लाखों-करोड़ों भारतीयों की प्रतिनिधि हैं। ऐसा नहीं है कि पिंकी समाज में कोई बहुत बड़ा बदलाव ला रही हैं। लेकिन बावजूद...

0

एक IRS अफसर का डर कैसे बन गया पर्यावरण को बचाने का आंदोलन

दिव्या वर्मा: राजस्व सेवा के एक अफसर रोहित मेहरा की छोटी सी पहल अब आंदोलन बन गई है। भारतीय राजस्व सेवा के इस टैक्समैन की पहचान अब ग्रीनमैन की बन गई है। रोहित मेहरा...

4

उठिए! आगे बढ़िए सरकार! पहाड़ को पलायन से मुक्ति दिलाने का यही सही वक्त है

सौरभ पाण्डेय: मातृभूमि से पलायन शायद ही कोई मनुष्य स्वेच्छा से करना चाहेगा। मनुष्य जब विवश होता है तभी पलायन का मार्ग अपनाता है। उसके पास कोई विकल्प नहीं होता। कुछ समय पहले मैंने...

Skip to toolbar