Tagged: बाल श्रम

0

बच्‍चों के “भाईसाहब” कैलाश सत्‍यार्थी

संध्या:  चार दशकों से बच्‍चे सत्‍यार्थी के सरोकार और उद्देश्‍य बने हुए हैं। उनके कर्तव्‍य और नैतिक बल भी बच्चे हैं। उन्‍होंने बच्‍चों के सपनों को अपने सपनों से जोड़ लिया है। और बच्‍चों...

0

गांधी के देश में दूसरा गांधी, जिसके सत्याग्रह से बना बाल श्रम के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कानून

कैलाश सत्यार्थी के नोबेल शांति पुरस्कार की 6वीं वर्षगांठ पर विशेष संध्या: भारत के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। छह साल पहले 10 अक्टूबर, 2014 को ही दुनिया के सबसे गरीब, वंचित और...

0

बचपन को गुलामी-दासता से जीते जी मुक्त करने का कैलाश सत्‍यार्थी का प्रण

अंतरराष्ट्रीय बाल दुर्व्यापार विरोधी दिवस पर विशेष संध्या: कोरोना वायरस का संक्रमण दिनोंदिन फैलता ही जा रहा है। कोविड-19 के बढ़ते खतरे को देखते हुए अधिकांश राज्‍यों में लॉकडाउन जारी है। काम-काज ठप होने...

0

बाल मित्र ग्राम के पूर्व बाल मजदूर नीरज मुर्मू ब्रिटेन के डायना अवार्ड से सम्मानित

कैलाश सत्‍यार्थी चिल्‍ड्रेन्‍स फाउंडेशन (केएससीएफ) द्वारा संचालित गिरिडीह जिले के दुलियाकरम बाल मित्र ग्राम के पूर्व बाल मजदूर 21 वर्षीय नीरज मुर्मू को गरीब और हाशिए के बच्‍चों को शिक्षित करने के लिए ब्रिटेन...

0

बच्चों के अधिकारों के लिए सजग राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग के सबसे युवा अध्यक्ष

प्रियंक कानूनगो राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के सबसे युवा अध्यक्ष हैं। उन्होंने मात्र 37 वर्ष की आयु में करीब 3 साल पहले इस पद को संभाला। इससे पहले भी समाज कल्याण के...

0

धन्यवाद कैलाश सत्यार्थी जी! जो कल बाल मजदूर थे आज दुनिया बदल रहे

अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम विरोधी दिवस पर विशेष छोटे बच्चों का बड़ा काम संध्या: नोबेल शांति पुरस्‍कार से सम्‍मानित कैलाश सत्‍यार्थी द्वारा स्‍थापित सत्‍यार्थी आंदोलन आज विशाल वट वृक्ष का रूप ले चुका है। कैलाश...

0

कोरोना महामारी संकट से बचपन हुआ असुरक्षित

कोरोना महामारी की वजह से विश्व की अर्थव्यवस्था डगमगाने लगी है और यह महामंदी की ओर बढ़ने लगी है। अर्थशास्त्री भविष्यवाणी करने लगे हैं कि 1930 के दशक की वैश्विक महामंदी के बाद यह...

Skip to toolbar