Tagged: कैलाश सत्यार्थी

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एक खांटी भारतीय मन: कैलाश सत्‍यार्थी

कैलाश सत्यार्थी को नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्ति की 6ठीं वर्षगांठ पर विशेष संध्या मिश्र: नोबेल शांति पुरस्‍कार से सम्‍मानित कैलाश सत्‍यार्थी एक खांटी भारतीय हैं। उनका मन भारतीयता में रचता-बसता है। उनकी यह पहचान...

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बच्‍चों के “भाईसाहब” कैलाश सत्‍यार्थी

संध्या:  चार दशकों से बच्‍चे सत्‍यार्थी के सरोकार और उद्देश्‍य बने हुए हैं। उनके कर्तव्‍य और नैतिक बल भी बच्चे हैं। उन्‍होंने बच्‍चों के सपनों को अपने सपनों से जोड़ लिया है। और बच्‍चों...

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गांधी के देश में दूसरा गांधी, जिसके सत्याग्रह से बना बाल श्रम के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कानून

कैलाश सत्यार्थी के नोबेल शांति पुरस्कार की 6वीं वर्षगांठ पर विशेष संध्या: भारत के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। छह साल पहले 10 अक्टूबर, 2014 को ही दुनिया के सबसे गरीब, वंचित और...

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कोरोना महामारी में दुनिया के 40 करोड़ से अधिक बच्‍चे ऑनलाइन शिक्षा से वंचित

लॉरियेट्स एंड लीडर्स फॉर चिल्‍ड्रेन समिट में जारी रिपोर्ट कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान दुनिया में बच्चों की बुरी स्थिति को करती है उजागर कोरोना महमारी की वजह से बच्चों पर मड़राते वैश्विक संकट पर...

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बाल श्रम के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कानून बनवाने वाले कैलाश सत्यार्थी का संघर्ष जारी है

संध्या मिश्रा: जब पूरी दुनिया कोरोना महमारी के संकट से जूझ रही है, ऐसे में 4 अगस्त, 2020 के दिन बाल श्रम के खिलाफ आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना घटी। यह दिन...

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बचपन को गुलामी-दासता से जीते जी मुक्त करने का कैलाश सत्‍यार्थी का प्रण

अंतरराष्ट्रीय बाल दुर्व्यापार विरोधी दिवस पर विशेष संध्या: कोरोना वायरस का संक्रमण दिनोंदिन फैलता ही जा रहा है। कोविड-19 के बढ़ते खतरे को देखते हुए अधिकांश राज्‍यों में लॉकडाउन जारी है। काम-काज ठप होने...

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धन्यवाद कैलाश सत्यार्थी जी! जो कल बाल मजदूर थे आज दुनिया बदल रहे

अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम विरोधी दिवस पर विशेष छोटे बच्चों का बड़ा काम संध्या: नोबेल शांति पुरस्‍कार से सम्‍मानित कैलाश सत्‍यार्थी द्वारा स्‍थापित सत्‍यार्थी आंदोलन आज विशाल वट वृक्ष का रूप ले चुका है। कैलाश...

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कोरोना महामारी संकट से बचपन हुआ असुरक्षित

कोरोना महामारी की वजह से विश्व की अर्थव्यवस्था डगमगाने लगी है और यह महामंदी की ओर बढ़ने लगी है। अर्थशास्त्री भविष्यवाणी करने लगे हैं कि 1930 के दशक की वैश्विक महामंदी के बाद यह...

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गांवों की तरफ लौटते भूख से तड़पते प्रवासी मजदूरों की व्यथा

परिंदे और प्रवासी मजदूर कैलाश सत्यार्थी: नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित विश्व प्रसिद्ध बाल अधिकार कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी लॉकडाउन से बेरोजगार हुए प्रवासी मजदूरों और उनके बच्चों को लेकर चिंतित हैं। उनकी मदद के...

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फिर इन्द्र धनुष उगेगा, उसके रंगों से होली खेलेंगे

होली पर विशेष होली पर शांति की कामना करती नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की कविता हर साल होली पर उगते थे इंद्र धनुष दिल खोल कर लुटाते थे रंग मैं उन्हीं रंगों...

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