बिना दर्द के मजबूत होंगी मांसपेशियां: RML अस्पताल में आधुनिक थेरेपी की शुरुआत

दिल्ली के अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान (ABVIMS) और डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए एक बहुत ही आधुनिक तकनीक की शुरुआत हुई है। अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग में ‘हाई-इंटेंसिटी फोकस्ड इलेक्ट्रोमैग्नेटिक’ (HIFEM) थेरेपी सिस्टम का उद्घाटन किया गया है। इस नई मशीन की मदद से अब मरीजों की […]

दिल्ली के अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान (ABVIMS) और डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए एक बहुत ही आधुनिक तकनीक की शुरुआत हुई है। अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग में ‘हाई-इंटेंसिटी फोकस्ड इलेक्ट्रोमैग्नेटिक’ (HIFEM) थेरेपी सिस्टम का उद्घाटन किया गया है। इस नई मशीन की मदद से अब मरीजों की अंदरूनी और गहरी मांसपेशियों का इलाज बिना किसी चीर-फाड़ और बिना दर्द के हो सकेगा। इस नई प्रणाली का उद्घाटन अस्पताल की निदेशक डॉ. अखिलेश्वरी प्रसाद ने किया।

यह नई एचआईएफईएम (HIFEM) तकनीक कैसे काम करती है, इसे बहुत आसानी से समझा जा सकता है। यह मशीन एक खास किस्म की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ऊर्जा का इस्तेमाल करती है। यह ऊर्जा शरीर के भीतर की गहरी मांसपेशियों (Deep Skeletal Muscles) तक सीधी पहुँचती है। इससे मांसपेशियों में एक बहुत मजबूत खिंचाव पैदा होता है

डॉक्टरों के मुताबिक, ऐसा खिंचाव सिर्फ सामान्य कसरत या एक्सरसाइज से हासिल नहीं किया जा सकता। यह तकनीक पुरानी फिजियोथेरेपी को और बेहतर बनाती है। इससे मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है, नसों और मांसपेशियों का तालमेल ठीक होता है और मरीज के शरीर का संतुलन बेहतर होता है

इस इलाज की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें कोई ऑपरेशन या चीर-फाड़ नहीं होती। पुरानी बिजली के झटकों वाली थेरेपी से मरीजों को जो थोड़ी-बहुत तकलीफ होती थी, इस नई मशीन से वह भी नहीं होगी। मरीज बिना किसी परेशानी के आराम से अपना इलाज करा सकेंगे

“HIFEM थेरेपी सिस्टम की स्थापना संस्थान की साक्ष्य-आधारित एवं अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह तकनीक मरीजों के लिए उपलब्ध समग्र उपचार सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाएगी।”

निदेशक डॉ. अखिलेश्वरी प्रसाद

यह नई मशीन कई तरह की बीमारियों का सामना कर रहे मरीजों के लिए बहुत मददगार साबित होगी। जिन लोगों को ब्रेन स्ट्रोक हुआ है, उनकी कमजोर मांसपेशियों को फिर से चालू करने में इससे बहुत मदद मिलेगी। इसके अलावा, काफी समय से कमर दर्द से जूझ रहे लोगों को भी इससे बहुत आराम मिलेगा

हड्डियों और जोड़ों के ऑपरेशन के बाद ठीक हो रहे मरीजों के लिए भी यह तकनीक फायदेमंद है। खेल-कूद के दौरान लगी चोटों, घुटने की तकलीफों और बढ़ती उम्र के कारण मांसपेशियों में आई कमजोरी को दूर करने में यह मशीन बहुत काम आएगी। इसके साथ ही पेल्विक फ्लोर की समस्या से परेशान मरीजों का इलाज भी इससे आसानी से हो सकेगा

“हाई-इंटेंसिटी फोकस्ड इलेक्ट्रोमैग्नेटिक थेरेपी सिस्टम की स्थापना विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह अत्याधुनिक प्रणाली पारंपरिक फिजियोथेरेपी उपचार का प्रभावी पूरक सिद्ध होगी तथा गहरी मांसपेशियों के सक्रियण, शीघ्र स्वास्थ्य लाभ, कार्यात्मक स्वतंत्रता में सुधार एवं रोगियों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”

फिजियोथेरेपी विभाग की प्रमुख डॉ. पूजा सेठी

इस खास मौके पर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विवेक देवान, प्रधानाचार्य डॉ. हिमांशु महापात्रा भी मौजूद रहे। इनके अलावा विभाग के कई डॉक्टर, फिजियोथेरेपिस्ट और स्टाफ सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विवेक देवान और प्रधानाचार्य डॉ. हिमांशु महापात्रा ने फिजियोथेरेपी विभाग की इस पहल की काफी तारीफ की। विभाग के काम को सराहते हुए उन्होंने कहा:

“HIFEM जैसी नवीन तकनीकों का समावेश फिजियोथेरेपी सेवाओं की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। इससे रोगियों की कार्यात्मक क्षमता में सुधार होगा, उपचार परिणाम बेहतर होंगे तथा अस्पताल की गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी।”

आरएमएल अस्पताल का फिजियोथेरेपी विभाग हर दिन बड़ी संख्या में बाहर से आने वाले (OPD) और अस्पताल में भर्ती मरीजों का इलाज करता है। विभाग लगातार नई तकनीकों और आसान व्यायाम के जरिए इलाज को बेहतर बना रहा है। अब इस मशीन के आ जाने से आम मरीजों को सरकारी अस्पताल में ही बड़े-बड़े प्राइवेट अस्पतालों जैसी आधुनिक इलाज की सुविधा मिल सकेगी।