ओपिनियन
मृत होती संवेदनाएं, रिश्ते और संस्कारों से दूर होती हमारी नई पीढ़ी
अभिवादन शीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविनः। चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्या यशो बलम्॥ जो लोग नम्र विनम्र, सम्मान और प्रतिदिन बड़ों की सेवा करते हैं, वे लंबे जीवन, ज्ञान, प्रसिद्धि और शक्ति में वृद्धि के धनी होते हैं। पूरे जीव-जगत में सबसे ज्यादा...
छात्रों के सुरक्षित आवास की जिम्मेदारी से विश्वविद्यालय दूर क्यों?
सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत ने छात्र आवास की बदहाल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों की संख्या और हॉस्टल की क्षमता के बीच भारी अंतर है,...
एक पुत्र की यात्रा: बचपन, पारिवारिक संतुलन और माता-पिता के प्रति समर्पण
पुत्र होना केवल एक संबंध नहीं, बल्कि कर्तव्य, त्याग और अदृश्य संवेदनाओं से बुना हुआ एक जीवन-पर्यंत का सफर है। इस विषय पर दिल्ली के मशहूर गंगाराम अस्पताल में बेहोशी के चिकित्सक डॉ. भुवन चंद्र पाण्डेय ने विस्तृत लेख लिखा...
परंपरा और विज्ञान का संगम: आयुर्वेद से अमेरिकी पेटेंट तक गौमूत्र का सच
आयुर्वेद के महान ग्रंथों से निकलकर अमेरिका के पेटेंट दफ्तर तक पहुँचे गौमूत्र के औषधीय गुणों को आज आधुनिक विज्ञान भी कसौटी पर कस रहा है। जानिए क्या कहते हैं आयुर्वेद के ग्रंथ, आईआईटी का शोध और अमेरिकी पेटेंट के...
दंपत्ति और दाम्पत्य जीवन : संचित कर्मों का लेखा-जोखा
दांपत्य जीवन महज दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि जन्मों-जन्मों के संचित कर्मों और ऋणों का एक अनूठा संगम है। यह रिश्ता कभी परीक्षा तो कभी तपस्या की भांति होता है, जिसे केवल प्रेम, समर्पण और विश्वास की डोर से...
जलवायु परिवर्तन और बुजुर्ग: बढ़ते संकट के बीच जीवन बचाने की चुनौती
भारत तेजी से दो बड़े बदलावों के दौर से गुजर रहा है। पहला, जलवायु परिवर्तन का बढ़ता प्रभाव और दूसरा, बुजुर्ग आबादी की लगातार बढ़ती संख्या। आमतौर पर इन दोनों मुद्दों पर अलग-अलग चर्चा होती है, लेकिन हकीकत यह है...
दुर्गम राहों से दिव्य दर्शन तक: बाबा केदारनाथ धाम की अविस्मरणीय यात्रा
केदारनाथ धाम की कठिन किन्तु आध्यात्मिक यात्रा केवल एक तीर्थ-दर्शन नहीं, बल्कि आस्था, साहस और आत्मानुभूति का अद्भुत संगम है। दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के बेहोशी विभाग में सीनियर कंसल्टेंट डॉ. भुवन चंद्र पाण्डेय अपने इस संस्मरण में बाबा...
पति-पत्नी का खट्टा-मीठा व दिव्य सम्बन्ध : समर्पण है सुख की चाबी
विवाह केवल एक सामाजिक बंधन नहीं, बल्कि विश्वास, प्रेम और समर्पण का पवित्र संगम है। पति-पत्नी का रिश्ता जीवन के हर उतार-चढ़ाव में एक-दूसरे का साथ निभाने की सच्ची परीक्षा है। आज के बदलते समय में इस रिश्ते को समझना...
सुखी जीवन का सरल मार्ग: माया-मोह और अहं या संस्कार एवं अध्यात्म?
आखिर सुखी जीवन क्या है? और इसे पाने का सरल मार्ग क्या है? यह एक ऐसा प्रश्न है जिसका जवाब हर व्यक्ति अपनी समझ और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर करता है। लेकिन ये समझ लीजिए कि सुखी जीवन का...
दहेज़ अपराध, उत्तराधिकार अधिकार है, बेटियों को हक़ से वंचित न करें
बेटियां केवल परिवार की शोभा नहीं, बल्कि समाज की बराबरी की धुरी हैं। दहेज़ अपराध है, जबकि कानून उन्हें पैतृक और अर्जित संपत्ति में बराबरी का अधिकार देता है। समाज को तय करना होगा—क्या वह न्याय और अधिकार के पक्ष...