ऑपरेशन थिएटर से बाहर डॉक्टर ने संभाली समाज की कमान, मिला प्रतिष्ठित पुरस्कार
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली के बाल शल्य चिकित्सा विभाग की जानी-मानी प्रोफेसर शिल्पा शर्मा को बाल शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘बिजनेस आइकॉन अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें ‘मीडिया फेडरेशन ऑफ इंडिया’ द्वारा 7 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के प्रेस […]
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली के बाल शल्य चिकित्सा विभाग की जानी-मानी प्रोफेसर शिल्पा शर्मा को बाल शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘बिजनेस आइकॉन अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें ‘मीडिया फेडरेशन ऑफ इंडिया’ द्वारा 7 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
यह पुरस्कार न सिर्फ उनके चिकित्सीय और शोध कार्यों को सराहता है, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के उनके अथक प्रयासों को भी एक नई पहचान देता है।
साफ-सफाई और टीकाकरण: स्वस्थ बचपन की नींव
समारोह के दौरान प्रोफेसर शिल्पा शर्मा ने जनस्वास्थ्य से जुड़े कई अहम मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बच्चों में बीमारियों और मृत्यु दर को कम करने के लिए रोकथाम सबसे बड़ा हथियार है। इसके लिए व्यक्तिगत साफ-सफाई, बच्चों का समय पर टीकाकरण और भारत के तय टीकाकरण शेड्यूल का पूरी सख्ती से पालन करना बेहद जरूरी है।
जानवरों के काटने पर तुरंत इलाज की जरूरत
चूहे या बंदर के काटने जैसी अचानक होने वाली घटनाओं पर बात करते हुए उन्होंने प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) के सही तरीकों के बारे में बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे किसी भी खतरे के बाद समय पर डॉक्टर के पास पहुंचना और सही इलाज कराना बहुत जरूरी है ताकि किसी बड़ी परेशानी से बचा जा सके।
अंगदान महादान: जीवन बचाने की बड़ी पहल
प्रोफेसर शिल्पा शर्मा ने देश में डोनर अंगों की भारी कमी के संकट पर चिंता जताई। उन्होंने लोगों को अंगदान करने के लिए आगे आने के लिए प्रेरित किया ताकि जरूरतमंदों को नया जीवन मिल सके। इसके साथ ही, अत्यधिक शराब पीने से होने वाली लिवर की गंभीर बीमारियों और लीवर फेलियर के प्रति भी लोगों को चेताया गया।
सड़क सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा
बच्चों और युवाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए उन्होंने सड़क हादसों को रोकने के उपायों पर बात की। उन्होंने कहा कि हेलमेट पहनना, यातायात के नियमों का पूरी तरह पालन करना और बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
आपात स्थिति में जीवनरक्षक कौशल
कार्यक्रम का एक अहम हिस्सा जीवन रक्षक कौशल पर केंद्रित था। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे बेसिक सीपीआर की ट्रेनिंग जरूर लें। इससे अस्पताल पहुंचने से पहले ही आपात स्थिति में किसी की जान बचाई जा सकती है।
स्वस्थ समाज की ओर बढ़ता कदम
प्रोफेसर शिल्पा शर्मा केवल एक बेहतरीन सर्जन ही नहीं हैं, बल्कि वे चिकित्सा ज्ञान को आम जनता तक पहुँचाकर एक स्वस्थ, जागरूक और मजबूत समाज के निर्माण में जुटी हुई हैं।