जलभराव पर NDMC चेयरमैन मनोज द्विवेदी ने क्यों मांगी माफी, जानिए IIT से IAS तक का सफर
नई दिल्ली में 25 अगस्त को हुई भारी बारिश से लुटियंस दिल्ली के कई इलाकों में पानी भर गया। इससे सड़कों पर ट्रैफिक ठप हो गया और लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। लेकिन इसके बाद NDMC (नई दिल्ली नगर पालिका परिषद) के चेयरमैन मनोज कुमार द्विवेदी ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ (@dwivedimk_ias) पर […]
नई दिल्ली में 25 अगस्त को हुई भारी बारिश से लुटियंस दिल्ली के कई इलाकों में पानी भर गया। इससे सड़कों पर ट्रैफिक ठप हो गया और लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। लेकिन इसके बाद NDMC (नई दिल्ली नगर पालिका परिषद) के चेयरमैन मनोज कुमार द्विवेदी ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ (@dwivedimk_ias) पर दो पोस्ट शेयर करके जनता से सार्वजनिक तौर पर माफी मांग ली।
चेयरमैन के दोनों ट्वीट में क्या था?
- पहला ट्वीट: मनोज द्विवेदी ने लिखा कि आम तौर पर NDMC की टीम 15-20 मिनट में पानी साफ कर देती है। लेकिन 25 अगस्त को 3 से 4 जगहों पर 1 घंटे से ज्यादा का वक्त लग गया। इसके लिए उन्होंने जनता से दिल से माफी मांगी।
- दूसरा ट्वीट: उन्होंने बताया कि इलाके में 2 घंटे से भी कम समय में 72 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई थी। उन्होंने साफ लिखा कि भारी बारिश कोई बहाना नहीं हो सकता। समस्या को खत्म करने के लिए तुरंत और लंबे समय के उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने जनता से सुधार के लिए सुझाव भी मांगे।

बदलते भारत की तस्वीर
अक्सर देखा जाता है कि जलभराव होने पर सरकारी एजेंसियां मौसम या एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराकर पल्ला झाड़ लेती हैं। लेकिन एक सीनियर आईएएस अफसर का सीधे जनता के सामने आकर अपनी कमी स्वीकार करना बदलते भारत की तस्वीर दिखाता है। यह बताता है कि भारतीय अफसरशाही में अब बहानेबाजी की जगह सीधी जवाबदेही और संवेदनशीलता ले रही है।
जलभराव रोकने के लिए क्या उपाय?
सार्वजनिक रूप से जिम्मेदारी स्वीकार करने के तुरंत बाद एनडीएमसी ने समस्या के स्थाई समाधान के लिए बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है।
- ड्रेनेज नेटवर्क का नवीनीकरण: लुटियंस दिल्ली के दशक पुराने नालों और पाइपों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। पुराने नालों की जगह बड़े व्यास वाले नए पाइप बिछाने का काम शुरू किया गया है।
- ऑटोमैटिक सक्शन पंप: पहचान किए गए जलभराव वाले निचले इलाकों (हॉटस्पॉट्स) में भारी क्षमता वाले ऑटोमैटिक सक्शन पंप लगाए जा रहे हैं। ये पंप पानी का स्तर बढ़ते ही खुद चालू हो जाएंगे।
- डिजिटल मॉनिटरिंग: नालों की सफाई (डी-सिल्टिंग) ठीक से हो, इसके लिए जीपीएस और ड्रोन से ट्रैकिंग की जा रही है।
- 24/7 कंट्रोल रूम: बारिश के समय मुख्य सड़कों और अंडरपास की निगरानी के लिए 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम और क्विक रिस्पांस टीम तैनात की गई है।
IIT से IAS बनने का सफर
मनोज कुमार द्विवेदी का प्रशासनिक दृष्टिकोण उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि से तय होता है। उन्होंने देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) से केमिकल इंजीनियरिंग में B.Tech की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने जटिल समस्याओं को विश्लेषणात्मक (Analytical) तरीके से हल करने का हुनर सीखा, जो आगे चलकर उनकी प्रशासनिक कार्यशैली की पहचान बना।
आईआईटी से निकलने के बाद कॉर्पोरेट क्षेत्र के आकर्षक अवसरों की जगह उन्होंने जनसेवा के रास्ते को चुना। कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने देश की सबसे कठिन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता प्राप्त की और साल 1997 में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए चुने गए।
जम्मू-कश्मीर में चुनौतीपूर्ण कार्य
मनोज द्विवेदी को AGMUT (पूर्व में जम्मू-कश्मीर) कैडर मिला। उनके प्रशासनिक करियर का एक बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा जम्मू-कश्मीर के चुनौतीपूर्ण वातावरण में बीता।
मनोज मनोज द्विवेदी ने लेह, राजौरी और जम्मू जैसे संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिलों में जिलाधिकारी के पद पर अपनी सेवाएं दीं। सीमावर्ती और दुर्गम इलाकों में काम करते हुए उन्होंने न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखी, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को पहुँचाया। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में आयुक्त सचिव रहते हुए उन्होंने प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों के बुनियादी ढांचे को सुधारने और ग्रामीण इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई।
सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त सचिव के रूप में उन्होंने नौकरशाही में पारदर्शिता लाने, फाइलों की पेंडेंसी खत्म करने और ई-गवर्नेस (E-Governance) को बढ़ावा देने के लिए कई डिजिटलाइजेशन पहल लागू कीं। वन एवं पर्यावरण विभाग में पर्यावरण संरक्षण और विकास परियोजनाओं के बीच संतुलन बनाने की दिशा में भी उन्होंने नीतिगत नीतियाँ बनाईं।
केंद्र में जिम्मेदारी और NDMC की कमान
राज्य स्तर पर अपनी प्रशासनिक क्षमता साबित करने के बाद मनोज द्विवेदी केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर आए। वे भारत सरकार के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में से एक कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) में अपर सचिव (Additional Secretary) के पद पर तैनात रहे। DoPT पूरे देश के सिविल सेवकों (IAS, IPS आदि) की नीतियों, पोस्टिंग, और प्रशिक्षण का संचालन करता है। यहाँ रहते हुए उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण मॉड्यूल को आधुनिक तकनीक और जन-सेवा आधारित बनाने पर काम किया।
अगस्त 2026 में उन्हें नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) का चेयरमैन नियुक्त किया गया। लुटियंस दिल्ली जैसे वीआईपी और संवेदनशील इलाके के नागरिक बुनियादी ढांचे (Infrastructure), ड्रेनेज, और सुंदरता को बनाए रखने की सीधी कमान अब उनके पास है।
लेखक और चिंतक
प्रशासनिक फाइलों और बैठकों के व्यस्त दौर के बीच मनोज द्विवेदी एक संवेदनशील लेखक और विचारशील वक्ता भी हैं।

उन्होंने जीवन प्रबंधन और आत्म-सुधार पर केंद्रित ‘Decode Life’ नामक पुस्तक लिखी है। इस किताब में उन्होंने अपने अनुभवों के आधार पर बताया है कि कैसे व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में भी अपनी सोच को सकारात्मक रखकर समाधान निकाल सकता है।
उनका यही जीवन-दर्शन उनकी कार्यशैली में दिखता है। जहाँ वे कमियों को छिपाने के बजाय स्वीकार करते हैं और तुरंत समाधान की दिशा में काम करना पसंद करते हैं।