ILBS में विश्व कैंसर दिवस पर पैरा ओलंपियनों ने लिया जागरूकता बढ़ाने का संकल्प
इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (ILBS) ने 4 फरवरी, 2025 को एपीजे अब्दुल कलाम ऑडिटोरियम में विश्व कैंसर दिवस मनाया। कार्यक्रम में कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने, इसकी रोकथाम और समय रहते इसका पता लगाने और उपचार की आवश्यकता पर जोर दिया गया। कैंसर सरवाइवर्स की मौजूदगी ने इस अवसर को एक गहरा […]
इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (ILBS) ने 4 फरवरी, 2025 को एपीजे अब्दुल कलाम ऑडिटोरियम में विश्व कैंसर दिवस मनाया। कार्यक्रम में कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने, इसकी रोकथाम और समय रहते इसका पता लगाने और उपचार की आवश्यकता पर जोर दिया गया। कैंसर सरवाइवर्स की मौजूदगी ने इस अवसर को एक गहरा व्यक्तिगत और प्रेरणादायक आयाम दिया, जिसने इस बीमारी से जूझ रहे लोगों की दृढ़ता और ताकत को उजागर किया।
आईएलबीएस के निदेशक डॉ. एस.के. सरीन ने कैंसर इलाज में संस्थान की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “आईएलबीएस में, हम कैंसर के इलाज के लिए एक समग्र दृष्टिकोण में विश्वास करते हैं, जिसमें भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक सहायता के साथ उन्नत चिकित्सा देखभाल को शामिल किया जाता है। विश्व कैंसर दिवस इस उद्देश्य के लिए हमारी निरंतर प्रतिबद्धता की याद दिलाता है।”
राजीव गांधी कैंसर संस्थान, दिल्ली के सीईओ डी.एस. नेगी ने अपने संबोधन में सुलभ और किफायती कैंसर देखभाल के महत्व पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने जोर देकर कहा, “कैंसर के खिलाफ लड़ाई में समय पर हस्तक्षेप महत्वपूर्ण है। हमें यह सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए कि गुणवत्तापूर्ण उपचार समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे, चाहे उनकी आर्थिक स्थिति कुछ भी हो।”

अर्थ केयर फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार ने कैंसर में पर्यावरणीय कारकों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बात की। उन्होंने जोर देकर कहा, “कई प्रकार के कैंसर को रोकने के लिए एक स्वस्थ वातावरण महत्वपूर्ण है। हमें स्थायी प्रथाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर पर्यावरण प्रदूषण के प्रभाव के बारे में जागरूकता पैदा करनी चाहिए।” खुद कैंसर से बचे रहने के अपने अनुभव के बारे में बताते हुए उन्होंने इस बीमारी से जूझते समय सकारात्मक मानसिक दृष्टिकोण के महत्व पर जोर दिया।
भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल और भारतीय पैरालंपिक एथलीट योगेश कथुनिया ने खेल के सफ़र से प्रेरणादायी कहानियां साझा कीं।
सुमित अंतिल और योगेश कथुनिया ने दोनों ने मानसिक दृढ़ता और लचीलेपन के महत्व पर प्रकाश डाला। ये कैंसर जैसी चुनौतीपूर्ण बीमारी से लड़ने में महत्वपूर्ण गुण हैं। अंतिल ने कहा, “चुनौतियाँ जीवन का एक हिस्सा हैं, लेकिन उनसे पार पाने की हमारी भावना ही हमें परिभाषित करती है।” कथुनिया ने कहा, “खेलों की तरह ही, कैंसर से लड़ने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति और सकारात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है।” दोनों एथलीट ने प्रेरक संबोधन से लड़ने की भावना भर दी।
कार्यक्रम में राजीव गांधी कैंसर संस्थान के मेडिकल ऑन्कोलॉजी के निदेशक डॉ. विनीत तलवार ने कैंसर उपचार में नवीनतम प्रगति पर एक व्याख्यान भी दिया। डॉ. सुषमा भटनागर ने कैंसर देखभाल के मनोवैज्ञानिक-सामाजिक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक सत्र का नेतृत्व किया। डॉ. हनुमान प्रसाद ने आईएलबीएस में विकिरण ऑन्कोलॉजी सेवाओं के बारे में जानकारी साझा की।
कार्यक्रम का सबसे अहम और मार्मिक हिस्सा आईएलबीएस के कैंसर सरवाइवर द्वारा अनुभवों को साझा करना था।
डॉ. पूजा सहाय और डॉ. दीप्ति शर्मा संचालित इस सत्र में कैंसर सरवाइवर ने अपनी यात्रा, चुनौतियों और जीत को साझा किया। ये सत्र निश्चित तौर पर कैंसर पेशेंट के लिए आशा और प्रेरणादायक रहा। आईएलबीएस में विश्व कैंसर दिवस कार्यक्रम ने कैंसर से लड़ने और इस संकट से प्रभावित लोगों का समर्थन करने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत फिर से याद दिलाई गई।
- ILBS
- कैंसर
- डॉ. एस.के. सरीन
- राजीव गांधी कैंसर संस्थान